Thursday, 10 March 2016
दिल के दौरे का आयुर्वेदिक इलाज / Ayurvedic Heart Remedies
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है । वे बेहोश होने लगते है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है । ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले। जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कण सामान्य हो जाए । जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से रक्त संचन नियमित रूप से चलता है ।
Labels:
Ayurvedic,
Heart Attack,
Remedies,
treatment
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Popular Posts
-
जीवन की नैया को संतुलन में रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ उपाय ये सात शब्दों वाला तारक मंत्र है - 'श्री राम, जय राम, जय जय राम।' साधारण...
-
आहार नियंत्रण मधुमेह के रोगियों के लिए अपने भोजन पर नियंत्रण रखना अत्यंत आश्यक है। कई बार इन्सुलिन लेने वाले मधुमेह के रोगियों को जो भ...
-
घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तरपश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में...
-
पीपल देव : हिंदू धर्म में पीपल का बहुत महत्व है। पीपल के वृक्ष को संस्कृत में प्लक्ष भी कहा गया है। वैदिक काल में इसे अश्वार्थ इसलिए क...
-
सम्मोहन (अंग्रेज़ी: Hypnotism) वह कला है जिसके द्वारा मनुष्य उस अर्धचेतनावस्था में लाया जा सकता है जो समाधि, या स्वप्नावस्था, से मिलती-...
-
कैंसर एक बहुत ज्यादा खतरनाक बीमारी है। यह शरीर के किसी भी भाग में एक गांठ के रूप में दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाली बीमारी है। जब तक इस रोग के ह...
-
एलोवेरा भारत में ग्वारपाठा या घृतकुमारी हरी सब्जी के नाम से प्राचीनकाल से जाना जाने वाला काँटेदार पत्तियों वाला पौधा है, जिसमें रोग न...
-
प्रातः काल उठते ही सर्व प्रथम क्या करना चाहिए इसके लिए हिंदू धर्म में बहुत कुछ बताया गया है यहां उठते ही सर्वप्रथम क्या करना चाहिए इस...
-
एक पौधा होता है जिसे हिंदी मे पत्थरचट्टा, पाषाणभेद, पणफुट्टी, भष्मपथरी कहते है, फोटो देखे निचे ... इसका वैज्ञानिक नाम है "bryoph...
-
धर्म ग्रंथों के अनुसार, एक बार ब्रह्माजी व विष्णुजी में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के...
loading...






No comments:
Post a Comment
thanks for visiting